इमाम हसन व हुसैन की नारे से गूंजा शहर
ताजिया-निशान-फाटक बने आकर्षण,युवाओं ने पेश किया अस्त्र-शस्त्र चालन का करतब
कर्बला में पढ़ी फातिहा मेले में उमड़ी भीड़, सिमरिया क्षेत्र में भी निकला जुलूस

सिमरिया : चतरा जिले में मुहर्रम का पर्व सादगी और अकीदत के साथ मनाया गया। इमाम हसन और हुसैन की शहादत की याद में विभिन्न इमामबाड़ों से ताजिया जुलूस निकाले गए। पूरा शहर “या अली, या हसन या हुसैन के नारों से गूंजता रहा। सभी जुलूसों में सजे ताजिया, निशान और फाटक आकर्षण का केंद्र बना रहा। अकीदतमंदों ने अपने-अपने निर्धारित मार्गों से होते हुए कर्बला स्थल तक जुलूस निकाला। कर्बला पहुंचकर इमाम हसन हुसैन की याद में फातिहा और नियाज की रस्म अदा की गई। जुलूस में शामिल युवाओं द्वारा अस्त्र-शस्त्र परिचालन का बेहतरीन मुजाहिरा पेश किया जिसकी हर तरफ सराहना की गई ।मुहर्रम पर्व पर जिले के विभिन्न कर्बला स्थलों पर मेले का आयोजन किया गया। मेले में मिठाइयों और खिलौनों की दुकानें सजी थी। बड़ी संख्या में महिलाओं और बच्चों ने मेले में शिरकत की और जमकर खरीदारी की। जिले के विभिन्न प्रखंडों से भी अकीदत के साथ मुहर्रम के जुलूस निकाले गए।सिमरिया प्रखंड में भी मुहर्रम का त्योहार श्रद्धा के साथ मनाया गया। सिमरिया प्रखंड में दो जगहों पर मेले का आयोजन किया गया जिसमें डाड़ी स्कूल चौक के अखाड़े में डाड़ी, बाकचौमा, खपिया ,पगार, मुर्वे, सोहर पुंडरा और सिमरिया चौक में फतहा , सबानो, सिमरिया, बन्हे रोल,लिपदा शामिल है। सभी अखाड़ों में ताजिया और निशान जुलूस के आकर्षण का केंद्र बना रहा । यह जुलूस सिमरिया चौक होते हुए कर्बला मैदान पहुंचा, जहां मेले का आयोजन किया गया। मेले में विभिन्न राजनीतिक दल के कार्यकर्ता, समाजसेवी और गणमान्य लोग शामिल थे। जिन्हें मोहर्रम कमेटी की ओर से स्वागत किया गया। महिलाओं और बच्चों ने मिठाइयां-खिलौने खरीदे। जुलूस प्रदर्शन के बाद हज़रत इमाम हसन व हुसैन की याद में फातिहा और नियाज की रस्म अदा कर पर्व संपन्न हुआ।जुलूस में जिला प्रशासन और पुलिस प्रशासन की निगरानी में संपन्न हुआ। प्रशासन ने जुलूस मार्गों पर सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए थे। एसडीओ सिमरिया के आदेश पर नो एंट्री लागू रहने से जुलूस शांतिपूर्वक संपन्न हुआ। पुलिस और प्रशासनिक पदाधिकारी लगातार भ्रमण करते रहे।
मोकिम अंसारी
