August 31, 2026

रांची। पर्यटन एवं खेल मंत्री सुदिव्य कुमार सोनू ने पत्रकारों को बताया कि रांची पूरी तरह सज-धज कर तैयार है 4 वां साउथ एशियन सीनियर एथलेटिक्स चैंपियनशिप 2025 की मेजबानी के लिए, जो 24 से 26 अक्टूबर 2025 तक बिरसा मुंडा फुटबॉल स्टेडियम, मोराबादी, रांची में आयोजित होगी। 15 वर्षों के बाद यह शहर अपने सबसे बड़े खेल आयोजन की मेजवानी करने जा रहा है, जिसमें झारखंड की संस्कृति, परंपरा और खेल भावना का अद्भुत संगम देखने को मिलेगा।इस प्रतियोगिता में दक्षिण एशिया के छह देशों तीन दिनों में कुल 37 पदक स्पर्धाओं का आयोजन होगा। भारत, श्रीलंका, बांग्लादेश, नेपाल, भूटान और मालदीव के 206 एथलीट भाग लेंगे।भारत के 73 खिलाड़ी, श्रीलंका के 63, नेपाल के 27, बांग्लादेश के 20, मालदीव के 15 और भूटान के 8 एथलीटों सहित कुल 254 खिलाड़ी और अधिकारी इस प्रतियोगिता में भाग लेंगे। इस पूरे आयोजन को सफल बनाने में के लिए पूरी टीम तैयार है, रांची वासियों ने भी अपने खिलाडियों के स्वागत के लिए तैयार है।

अंतर्राष्ट्रीय खिलाड़ी

इस मौके पर अंतर्राष्ट्रीय खिलाड़ीयों में परमजीत सिंह, साक्षी, आनंद, अभिषेक, संदीप, उपस्थित थे। खिलाडियों ने कहा कि झारखंड में इस तरह का आयोजन होना और हमें मौका मिला यह हर्ष की बात है। सीनियर, जुनियर को एक प्लेटफार्म पर प्रदर्शन करेंगे यह भी अपने आप में ऐतिहासिक है।

24 अक्टूबर को होगा आगाज

यह आयोजन एथलेटिक्स फेडरेशन ऑफ इंडिया झारखंड ओलंपिक एसोसिएशन तथा झारखंड सरकार द्वारा सयुक्त रूप से आयोजित किया जा रहा है, जो राज्य को एक उभरते हुए स्पोर्ट्स हब के रूप में स्थापित करता है।
उद्घाटन समारोह 24 अक्टूबर को शाम मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन के करकमलों से बिरसा मुंडा स्टेडियम में आयोजित होगा। इस दौरान 500 कलाकारों का दल झारखंड की लोककला, नृत्य और जनजातीय विरारात को प्रस्तुत करेगा। समारोह में विभिन्न राज्यों और देशों से वरिष्ठ गणमान्य अतिथि, खखेल प्रशासक और प्रतिनिधि भाग लेंगे। खेलों का शुभंकर “बलमा ” जो झारखंड के वन्यजीवन और जनजातीय भावना से प्रेरित है और नागपुरी भाषा में बना आधिकारिक एंथम, दोनों ही राज्य की सांस्कृतिक आत्मा को अभिव्यक्त करते हैं।खिलाड़ियों का आगमन 21 अक्टूबर से शुरू हो गया था। भारतीय टीम के कुछ खिलाड़ी पहले ही रांची पहुँचकर अभ्यास शुरू कर चुके हैं। मधुकांत पाठक, महासचिव एवं 2025 समन्वयक, ने कहा- “हम आशावान हैं कि भारत एक बार फिर शीर्ष स्थान प्राप्त करेगा। इस बार हमारी टीम का लगभग 50% हिस्सा युवा खिलाड़ियों से बना है, ताकि उन्हें अंतरराष्ट्रीय अनुभव मिल सके। हमारा लक्ष्य है कि भारत इस चैंपियनशिप में 25 से अधिक स्वर्ण पदक जीते।” भारत ने 2008 कोच्चि संस्करण में 57 पदकों (24 स्वर्ण, 19 रजत, 14 कांस्य) के साथ शीर्ष स्थान प्राप्त किया था।

मंत्री ने किया निरक्षण

कला, संस्कृति, खेल एवं युवा कार्य मंत्री सुदिव्य कुमार ने बिरसा मुंडा फुटबॉल स्टेडियम में अंतिम तैयारियों का स्वयं निरीक्षण किया।उनके साथ खेल विभाग के वरिष्ठ अधिकारी शेखर जमुआर और मधुकांत पाठक भी मौजूद थे। मंत्री ने तैयारियों पर संतोष व्यक्त किया और आयोजन समिति के प्रयासों की सराहना की। सैफ जैसी प्रतियोगिताएँ 2032 ओलंपिक की तैयारी के लिए बेहद महत्वपूर्ण हैं। इससे खिलाड़ियों को अंतरराष्ट्रीय रैंकिंग पॉइंट्स और अनुभव प्राप्त होता है, खासकर उन 60% नए खिलाड़ियों को जो पहली बार इस स्तर पर भाग ले रहे हैं।” अन्य भारतीय एथलीट जैसे साक्षी चव्हाण (200 मी.), समरदीप सिंह (शॉट पुट), आनंद (100 मी.) और अभिषेक (10,000 मी.) ने भी घरेलू मैदान पर खेलने के उत्साह को साझा किया और युवा खिलाड़ियों को प्रेरित करने की बात कही।

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