August 30, 2026

रांची। गुरुवार का दिन झारखंड पुलिस के लिए खास दिन रहा , एक नई दिशा एक नई पहल के तहत झारखंड सरकार द्वारा चलाए गए पुनर्वास नीति के अंतर्गत ऑपरेशन नवजीवन कोल्हान एवं सारंडा के सक्रिय क्षेत्र में चलाए गए नक्सल मुक्त अभियान के तहत जो सफलता मिली है , उस सफलता को लेकर झारखंड के पुलिस महानिदेशक एवं पुलिस महानरीक्ष तदाशा मिश्रा ने अपनी पूरी टीम के साथ पत्रकारों को संबोधित किया। इस पूरे अभियान में झारखंड पुलिस के.रि.पु.बल, कोबरा, सीआरपीएफ, जैगवार के संयुक्त प्रयास से सफलता पाई गई है। 27 नक्सलियों ने आत्म समर्पण किया है और अपना हथियार पुलिस के समक्ष डालकर नई जिंदगी की शुरुआत करने की ओर आगे बढ़ चले हैं। इस अभियान में सिर्फ मोस्ट वांटेड मिसिर बेसरा की तलाश है संभवतः वे भी आत्मसमर्पण करेंगे।
क्या है पूरा मामला

नक्सल उन्मूलन अभियान के तहत झारखंड पुलिस और सीआरपीएफ को एक बहुत बड़ी सफलता हाथ लगी है। झारखंड गठन के बाद पहली बार ऐसा हुआ है, जब एक साथ 27 नक्सलियों ने भारी संख्या में हथियार के साथ झारखंड पुलिस और सीआरपीएफ के अधिकारियों के समक्ष आत्मसमर्पण किया है। आत्मसमर्पण करने वाले 27 नक्सलियों में 25 भाकपा माओवादी संगठन और दो जेजेएमपी उग्रवादी संगठन के नक्सली शामिल है। आत्मसमर्पण करने वाले इन नक्सलियों में आठ नक्सलियों के ऊपर कुल 33 लाख रुपया का इनाम घोषित है। इन सभी नक्सलियों के खिलाफ कुल 426 नक्सल मामले दर्ज है।

ये थे उपस्थित
झारखंड पुलिस मुख्यालय में आयोजित आत्मसमर्पण कार्यक्रम में पुलिस महानिदेशक सह पुलिस महानिरीक्षक तदाशा मिश्र, एडीजी अभियान, एडीजी मनोज कौशिक सीआरपीएफ आईजी साकेत सिंह, आईजी अभियान नरेंद्र सिंह सहित , आईजी पंकज कंबोज, आईजी प्रभात कुमार, आईजी सुनील बंसल, आईजी असीम विक्रांत मिंज, आईजी अनूप बिरथरे, आईजी मयूर पटेल कन्हैयालाल, डीआईजी, इन्द्रजीत महथा, डीआईजी मनोज रतन चौथे, डीआईजी कार्तिक एस, शैलेंद्र वर्णवाल,एसपी अमित रेणू,एसएसपी राकेश रंजन, एसपी हरिश बिन जमा, एसपी सौरभ, पारस राणा, दीपक पांडेय, समेत कई अधिकारी उपस्थित थे।

हथियार डाले गए

नक्सलियों ने आत्मसमर्पण के साथ साथ भारी मात्रा में आधुनिक हथियार, मैगजीन पुलिस को सौंपे आधुनिक हथियार, मैगजीन और हजारों राउंड जिंदा कारतूस भी पुलिस को सौंपे हैं। जिनमें एक इंसास एलएमजी, पांच इंसास राइफल, नौ एसएलआर, एक बोल्ट एक्शन रायफल और एक पिस्टल शामिल है। इसके अलावा 31 मैगजीन और 2857 राउंड कारतूस भी इन नक्सलियों के द्वारा पुलिस को सौंपे गए है‌।
ये हैं आत्मसमर्पण करने वाले

इन रैंक वाले नक्सलियों के किया सरेंडर
विशेष क्षेत्र समिति सदस्य: 07
एरिया कमांडर: 07
सक्रिय कैडर: 13

आत्मसमर्पण करने वाले भाकपा माओवादियों की सूची

करण उर्फ डांगुर तियू ( निवासी गोइल केरा चाईबासा) एरिया कमिटी मेम्बर, दो लाख इनामी, चाईबासा में 29 मामले दर्ज.
गादी मुण्डा उर्फ गुलशन (निवासी: बुण्डू, रांची), विशेष क्षेत्र समिति सदस्य इनाम: पांच लाख रुपये, चाईबासा, सरायकेला, रांची और खूंटी मिलाकर कुल 48 मामले दर्ज.
नागेंद्र मुण्डा उर्फ प्रभात मुण्डा उर्फ मुखिया (निवासी: अड़की, खूंटी), विशेष क्षेत्र समिति सदस्य, इनाम: पांच लाख रुपये, चाईबासा और सरायकेला में कुल 38 मामले दर्ज.
रेखा मुण्डा उर्फ जयंती (निवासी: बुण्डू, रांची) विशेष क्षेत्र समिति सदस्य, इनाम: पांच लाख रुपये, चाईबासा और सरायकेला में कुल 18 मामले दर्ज.
सागेन आंगारिया उर्फ दोकोल (निवासी: गोइलकेरा, चाईबासा), विशेष क्षेत्र समिति सदस्य इनाम: पांच लाख रुपये, चाईबासा में रिकॉर्ड 123 मामले दर्ज.
दर्शन उर्फ बिंज हांसदा (निवासी: छोटानगरा, चाईबासा ), विशेष क्षेत्र समिति सदस्य, चाईबासा में 14 मामले दर्ज.
सुलेमान हांसदा उर्फ सुनी हांसदा, (निवासी: छोटानगरा,चाईबासा),विशेष क्षेत्र समिति सदस्य, इनाम: पांच लाख रुपये, चाईबासा में 13 मामले दर्ज.
बासुमती जेराई उर्फ बासू (निवासी: किरीबुरू, चाईबासा), एरिया कॉमेडनर इनाम: एक लाख रुपया, चाईबासा में 14 मामले दर्ज.
बैजनाथ मुण्डा: (निवासी: तमाड़, रांची), एरिया कमांडर चाईबासा में 04 मामले दर्ज.
रघु कायम उर्फ गुणा (निवासी: मुफसिल, चाईबासा), एरिया कमांडर, चाईबासा में 19 मामले दर्ज.
किशोर सिरका उर्फ दुर्गा सिरका: (निवासी: टोंटो, चाईबासा), एरिया कमांडर, चाईबासा में 11 मामले दर्ज.
राम दयाल मुण्डा: (निवासी: तमाड़, रांची), एरिया कमांडर रैंक, सरायकेला और चाईबासा में कुल चार मामले दर्ज.
इसके अलावा 13 अन्य सक्रिय कैडर्स ने भी आत्मसमर्पण किया है. इनमें वंदना उर्फ शांति, सुनिता सरदार, डांगुर बोइपाई, बसंती देवगम, मुन्नीराम मुण्डा, अनिशा कोड़ा उर्फ रानी, सपना उर्फ सुरू कालुंडिया, सुसारी उर्फ दसमा कालुंडिया, बिरसा कोड़ा उर्फ हरिसिंह, नुअस, बुमली तियू, निति माई उर्फ निति हेंब्रम और लादू तिरिया शामिल हैं. इन कैडर्स पर भी चाईबासा और अन्य थानों में कई आपराधिक मामले दर्ज थे।

जेजेएमपी उग्रवादी संगठन के एक इनामी समेत दो नक्सलियों ने किया आत्मसमर्पण
सचिन बैक ( अपर घाट, गुमला) पांच लाख इनामी. छह मामले गुमला में दर्ज है, श्रवण गोप: ( कलिगा, गुमला) आठ मामले गुमला में दर्ज है।

तीन भाकपा माओवादी नक्सली ने दूसरे राज्यों में किया आत्मसमर्पण

– विश्वनाथ उर्फ संतोष उर्फ सिलाय: (निवासी: पूर्वी गोदावरी, आंध्र प्रदेश) – स्पेशल एरिया कमेटी सदस्य चाईबासा में 13 मामले दर्ज है. इन्होंने तेलंगाना में सरेंडर किया.
पूनम उर्फ जोभा उर्फ भवानी उर्फ सुजाता: (पति: विश्वनाथ, निवासी: पूर्वी गोदावरी, आंध्र प्रदेश), रिजनल कमेटी सदस्य, चाईबासा में 11 मामले दर्ज. इन्होंने भी तेलंगाना में सरेंडर किया. समर दा उर्फ मधाई पात्रा: (निवासी: पश्चिम बंगाल) – जोनल कमेटी सदस्य, चाईबासा में तीन मामले दर्ज. एक सप्ताह पहले पश्चिम बंगाल में किया सरेंडर.
झारखंड में सक्रिय 15 लाख इनामी नक्सली पश्चिम बंगाल में हुई गिरफ्तार
15 लाख इनामी बेला सरकार उर्फ आशा दी उर्फ दीपा सरकार: (पति: श्याम सिंकू, निवासी: नादिया मुर्शिदाबाद, पश्चिम बंगाल), रिजनल कमेटी सदस्य,चाईबासा में तीन मामले दर्ज.
सुरक्षा बलों की बड़ी रणनीतिक जीत
पुलिस प्रशासन के अनुसार, इतनी बड़ी संख्या में कुख्यात नक्सलियों और शीर्ष कमेटी के सदस्यों का मुख्यधारा में लौटना माओवादी संगठन के लिए एक बहुत बड़ा झटका है. सरकार की आत्मसमर्पण नीति और सुरक्षा बलों के बढ़ते दबाव के कारण नक्सली अब लगातार हथियार डाल रहे हैं. पुलिस ने अन्य भटके हुए नक्सलियों से भी हिंसा का रास्ता छोड़कर समाज की मुख्यधारा में शामिल होने की अपील की है।
डीजीपी ने कहा पुलिस महानिदेशक एवं पुलिस महानिरीक्षक तदाशा मिश्रा ने कहा कि आज झारखंड के लिए ऐतिहासिक दिन है । कई मोस्ट वांटेड नक्सलियों ने आत्म समर्पण किया है, तो यह उनका स्वागत का दिन है, तो साथ ही साथ जो हमारे पुलिस जवान का बलिदान और त्याग को भी याद करने का दिन है। जो बच गए हैं वैसे नक्सलवाओं को मैं अपील करती हूं कि वे आत्म समर्पण करें और सरकार द्वारा चलाए गए योजनाओं का लाभ उठाएं।
वही आईजी सीआरपीएफ साकेत सिंह ने कहा कि झारखंड में यह पहली बार इतने बड़े पैमाने पर नक्सलियों ने आत्मसमर्पण किया है। इसके लिए हम लोग लगातार पिछले 6 महीने से संघर्षरत थे । 6 नवंबर 2025 से अभियान चला रखे थे। नवजीवन अभियान के तहत सरंडा की जंगलों में हम लोग करीब 16 गांव को घेर रखा था । हर एक लोगों के संपर्क में थे, जो लोग आत्मसमर्पण किये हैं उसका स्वागत करते हैं । इस बीच हमारे कई जवान भी जख्मी हुए हैं, शहादत हासिल हुई है उनको भी हम नमन करते हैं । जो नक्सली बच गए हैं उसे अपील करते हैं कि वह मुख्य धारा पर लौट आए।

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