13 और 14 जुलाई को पकड़े गए 4 हाईवा, प्रशासन ने की सख्त कार्रवाई
रात के अंधेरे में लाइन तोड़ भागने में कई ट्रक हुए कामयाब
सिमरिया : सीआरपीएफ जवान की मौत के बाद कोयला ढुलाई को लेकर जारी जनआक्रोश के बीच प्रशासन ने भी सख्ती बढ़ा दी है। सिमरिया अनुमंडल में नो-एंट्री के नियमों को तोड़कर ग्रामीण सड़कों से कोयला ढुलाई करने वाले 4 हाईवा के खिलाफ अंचल अधिकारी ने प्राथमिकी दर्ज कराई है। सिमरिया अंचलाधिकारी गौरव कुमार राय ने 13 जुलाई की रात करीब 9:30 बजे क्षेत्र भ्रमण के दौरान एक कोयला लोड हाईवा पकरी बरवाडीह कोल माइनिंग प्रोजेक्ट की गाड़ी संख्या जेएच 02 बीके- 5425 को नो-एंट्री का उल्लंघन करते पकड़ा। गाड़ी निर्धारित मार्ग से हटकर एदला गांव के रास्ते सिमरिया से टंडवा की ओर जा रही थी। अंचलाधिकारी और सशस्त्र बल के जवानों ने पीछा कर डाड़ी चौक के पास वाहन को पकड़ा। चालक तेज गति और लापरवाही से वाहन भगाकर भागने का प्रयास कर रहा था। अंचलाधिकारी ने सिमरिया थाना प्रभारी को पत्र लिखकर वाहन खिलाफ प्राथमिकी दर्ज कराई है। अंचलाधिकारी गौरव कुमार राय ने 14 जुलाई 2026 को दो अलग- अलग मामलों में कार्रवाई की है। अंचलाधिकारी ने भ्रमण के दौरान दो कोयला लोड हाईवा संख्या जेएच 02 बीएम- 6260 और जेएच 02 बीएम-7352 को पकरी बरवाडीह प्रोजेक्ट की गाड़ी को नो-एंट्री तोड़ते हुए ग्राम टुटिलावा- सिमरिया मार्ग से मिशौल होते हुए सेरेनदाग की ओर जाते देखा। पीछा कर सेरेनदाग के पास दोनों वाहन पकड़े गए। अंचलाधिकारी ने टंडवा थाना में प्राथमिकी दर्ज कराई। इसी दिन अंचलाधिकारी ने पत्रांक 665 के माध्यम से अनुमंडल पदाधिकारी सिमरिया को पत्र भेजकर वाहन संख्या जेएच 02 बीएल- 4409 के खिलाफ कार्रवाई की है।अंचलाधिकारी के अनुसार यह वाहन भी नो-एंट्री उल्लंघन कर टुटीलावा- सिमरिया ग्रामीण मार्ग से मिश्रौल की ओर जा रहा था। रोकने पर चालक वाहन छोड़कर फरार हो गया। वाहन के कागजात जब्त कर लिए गए हैं। अंचल अधिकारी गौरव कुमार राय ने बताया कि सिमरिया अनुमंडल पदाधिकारी के आदेशानुसार सभी भारी वाहनों के लिए नो-एंट्री लागू है। इसके बावजूद चालक निर्धारित मार्ग छोड़कर ग्रामीण सड़कों से तेज गति से वाहन चला रहे हैं। इससे सड़क दुर्घटना और विधि-व्यवस्था की समस्या उत्पन्न होने की प्रबल संभावना है। साथ ही यह सरकारी आदेश का उल्लंघन और सरकारी कार्य में बाधा भी है। उन्होंने सभी चालकों के खिलाफ सुसंगत धाराओं के तहत कार्रवाई की है। उल्लेखनीय है कि सिमरिया-चतरा मार्ग पर हाल ही में हुई सीआरपीएफ जवान की मौत के बाद क्षेत्र में कोयला परिवहन और नो-एंट्री को लेकर आंदोलन चल रहा है। प्रशासन की इस कार्रवाई को आंदोलनकारियों की मांगों के अनुरूप सख्ती के रूप में देखा जा रहा है।

