August 29, 2026

जमशेदपुर । जमशेदपुर के डिमना लेक में महात्मा गांधी मेमोरियल (एमजीएम) मेडिकल कॉलेज के तीन जूनियर डॉक्टर डूब गए। इनमें से एक तैरकर बाहर निकलने में सफल रहा। बाकी दो की तलाशी के लिए पुलिस, स्थानीय गोताखोर और एनडीआरएफ की टीम शुक्रवार सुबह से अभियान में जुटी है। घटना गुरुवार-शुक्रवार की दरमियानी रात की है। लेक में डूबे डॉक्टरों के पहचान डॉ समीर और डॉ सक्षम के रूप में हुई है। डॉ. सक्षम पलामू (मेदिनीनगर) के रहने वाले हैं, जबकि डॉ. समीर जमशेदपुर के काशीडीह क्षेत्र के निवासी हैं। तैरकर बाहर निकलने में सफल जूनियर डॉक्टर का नाम डॉ. यश है, और पुलिस उनसे घटना के संबंध में पूछताछ कर रही है। पुलिस के अनुसार, तीनों जूनियर डॉक्टर देर रात डिमना लेक पहुंचे थे। वे उस हिस्से में गए थे, जिसे प्रशासन ने पहले से ही डेंजर जोन घोषित कर आम लोगों के प्रवेश पर रोक लगा रखी है। प्रारंभिक जानकारी के मुताबिक, तालाब के किनारे मौजूद रहने के दौरान एक डॉक्टर का मोबाइल फोन पानी में गिर गया। मोबाइल निकालने के प्रयास में वह गहरे पानी में उतर गए और डूबने लगे। उन्हें बचाने के लिए बाकी दोनों साथी भी पानी में कूद पड़े। बताया गया कि डॉ यश तैरना जानते थे और किसी तरह बाहर निकल आए, लेकिन डॉ समीर और डॉ सक्षम गहरे पानी में फंस गए। बाहर निकलने के बाद डॉ यश ने अपने साथियों और पुलिस को घटना की सूचना दी। सूचना मिलते ही पुलिस और स्थानीय प्रशासन की टीम मौके पर पहुंची। लगातार बारिश के कारण डिमना लेक का जलस्तर बढ़ा हुआ था, जिससे रात में राहत एवं बचाव अभियान में कठिनाई आई। अब सुबह से गोताखोरों और एनडीआरएफ की सहायता से तलाश अभियान चलाया जा रहा है। घटनास्थल से दोनों मृतक डॉक्टरों की चप्पलें और अन्य सामान भी मिले हैं। प्रारंभिक जांच में इसे हादसा माना जा रहा है, हालांकि पुलिस सभी पहलुओं की पड़ताल कर रही है। घटना की सूचना मिलते ही एमजीएम मेडिकल कॉलेज एवं अस्पताल के बड़ी संख्या में जूनियर डॉक्टर, चिकित्सक और कर्मचारी डिमना लेक पहुंच गए।

हमारे व्हाट्सएप ग्रुप से जुड़ने के लिए नीचे लिंक पर क्लिक करें।

https://chat.whatsapp.com/LnzXi8cnQGtKJUUT78UqXz

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *