
टंडवा : टंडवा में फ्लाई ऐश की ढुलाई को लेकर विवाद गहराता जा रहा है। एनटीपीसी विस्थापित परिवारों ने टिप-ट्रेलर वाहनों का चालान बंद होने पर हाइवा से हो रही कोयला ढुलाई को 6 सितंबर से पूर्ण रूप से बंद करने की चेतावनी दी है। इस संबंध में विस्थापित फ्लाई ऐश एसोसिएशन एनटीपीसी, टंडवा, चतरा के बैनर तले अध्यक्ष अरविन्द पांडेय, सचिव जियाउल हक अंसारी और कोषाध्यक्ष अजीत पांडेय ने अनुमंडल पदाधिकारी, सिमरिया को आवेदन सौंपा है।
आवेदन में कहा गया है कि विस्थापित एवं प्रभावित परिवार वर्ष 2024 से लगातार टिप-ट्रेलर वाहनों के माध्यम से एनटीपीसी से निकलने वाली फ्लाई ऐश की ढुलाई का कार्य करते आ रहे हैं। वर्ष 2026 के टेंडर में भी टिप-ट्रेलर से ढुलाई जारी रखने का उल्लेख है। इसके बावजूद ऐश यूटिलाइजेशन विभाग के अधिकारियों ने अचानक टिप-ट्रेलर का चालान जारी करना बंद कर दिया, जिससे सैकड़ों वाहन खड़े हो गए हैं और चालक-मालिक भुखमरी की कगार पर हैं। एसोसिएशन ने आरोप लगाया है कि हाइवा एसोसिएशन द्वारा उचित दर पर पर्याप्त हाइवा उपलब्ध नहीं कराए जाने के कारण उन्हें टिप-ट्रेलर चलाना पड़ रहा है। अब हाइवा एसोसिएशन द्वारा एनटीपीसी को कोयला ढुलाई ठप करने की धमकी देकर टिप-ट्रेलर बंद कराने का अनुचित दबाव बनाया जा रहा है, जिसके कारण उनका चालान रोका गया है। इसी को लेकर 3 सितंबर 2026 को एसोसिएशन की आपात बैठक हुई, जिसमें सर्वसम्मति से निर्णय लिया गया कि यदि 5 सितंबर 2026 तक एनटीपीसी प्रबंधन एवं जिला प्रशासन द्वारा टिप-ट्रेलर से फ्लाई ऐश ढुलाई का चालान पुनः शुरू नहीं किया गया, तो 6 सितंबर से एनटीपीसी में आ रही सभी हाइवा वाहनों से कोयला ढुलाई पूरी तरह बंद कर दी जाएगी और शांतिपूर्ण आंदोलन शुरू किया जाएगा। एसोसिएशन ने स्पष्ट किया है कि उनका मकसद विधि-व्यवस्था बिगाड़ना नहीं, बल्कि सैकड़ों विस्थापित परिवारों की रोजी-रोटी और अधिकारों की रक्षा करना है। यदि आंदोलन के दौरान कोई अप्रिय घटना होती है तो इसकी पूरी जवाबदेही एनटीपीसी प्रबंधन और जिला प्रशासन की होगी।


