बेंगलुरु । बेंगलुरु में एक पत्थर की खदान में हुए हादसे में 9 मजदूरों की दर्दनाक मौत हो गई. एक बड़ी चट्टान वहां काम कर रहे मजदूरों के ऊपर आ गिरी, जिसकी वजह से मजदूर दब गए. मलबे के नीचे अन्य कई मजदूरों के दबे होने की आशंका अधिकारियों ने जताई है. मरने वालों की संख्या बढ़ सकती है. जान गंवाने वाले सभी मजदूर बिहार और झारखंड के रहने वाले हैं. बता दें कि ये सभी मजदूर कावेरी कंपनी की खदान में काम करते समय बड़ चट्टान की चपेट में आ गए. कर्नाटक के मुख्यमंत्री डीके शिवकुमार नेस्टोन क्रशर यूनिट में पत्थर गिरने से प्रवासी मजदूरों की मौत पर दुख जताया है. उन्होंने कहा कि पत्थर की खदानों में काम करने वाले श्रमिकों की सुरक्षा सुनिश्चित करना खदान मालिकों का दायित्व है. सरकार सुरक्षा नियमों का उल्लंघन करने वाली खदानों के खिलाफ उचित कार्रवाई करेगी. दरअसल खदान के ऊपरी हिस्से में एक्सकेवेटर से खुदाई का काम चल रहा था. इसी दौरान एक बड़ी चट्टान खिसककर नीचे काम कर रहे मजदूरों पर आ गिरी. घटना की सूचना मिलते ही तवारेकेरे पुलिस ने मौके पर पहुंचकर रात और बचाव कार्य शुरू किया. वहीं, यशवंतपुर के विधायक एस.टी. सोमशेखर ने आरोप लगाया कि यह हादसा बड़े पैमाने पर हो रही अवैध पत्थर की खुदाई का नतीजा है. उन्होंने मांग की कि इस मामले में माइंस एंड जियोलॉजी विभाग, वन विभाग, पुलिस और कर्नाटक राज्य प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के अधिकारियों के खिलाफ केस दर्ज किया जाए. उन्होंने इस इलाके में अवैध पत्थर की खुदाई को लेकर बार-बार चिंता जताई थी.इसे लेकर वन विभाग और माइंस एंड जियोलॉजी विभाग से सवाल भी किए थे. उन्होंने याचिका समिति के सामने भी यह मुद्दा उठाया था।

