नई दिल्ली । दिल्ली के जंतर-मंतर पर तनाव के साथ साथ भीड़ बढ़ रही है। पुलिस के निर्देश पर 16 मेट्रो स्टेशन बंद कर दिए गए हैं। बुधवार रात प्रदर्शनकारियों और सुरक्षा बलों के बीच हिंसक झड़प हो गई। इसके बाद स्थितिअसामान्य है। दिल्ली पुलिस के अनुसार, इस दौरान दो सहायक पुलिस आयुक्त (ACP), दो इंस्पेक्टर और एक अन्य पुलिसकर्मी सहित कई पुलिसकर्मी घायल हो गए। हालात पर काबू पाने के लिए रैपिड एक्शन फोर्स (RAF) और दिल्ली पुलिस को बल प्रयोग करना पड़ा तथा भीड़ को तितर-बितर करने के लिए दो से तीन आंसू गैस के गोले भी छोड़े गए। दिल्ली पुलिस ने आधिकारिक बयान में कहा कि हिंसा की घटना कनॉट प्लेस के टॉल्स्टॉय मार्ग के पास हुई। पुलिस के मुताबिक, “कुछ उपद्रवियों ने पुलिस पर पत्थरों और बोतलों से हमला किया”, जिसमें एसीपी कनॉट प्लेस विवेक भगत घायल हो गए। उन्हें फौरन इलाज के लिए राम मनोहर लोहिया (आरएमएल) अस्पताल ले जाया गया। पुलिस का कहना है कि जैसे-जैसे हिंसा बढ़ी, सुरक्षा बलों पर बड़े-बड़े पत्थर फेंके गए। पुलिस ने यह भी दावा किया कि कुछ प्रदर्शनकारी डंडों से लैस थे, जबकि कुछ के पास तलवारें और खुखरी भी थीं। इसके बाद RAF और दिल्ली पुलिस ने सीमित बल प्रयोग किया और दो से तीन आंसू गैस के गोले दागकर क्षेत्र को खाली कराया। पुलिस का कहना है कि कुछ मिनटों तक स्थिति तनावपूर्ण रही, लेकिन बाद में हालात पर नियंत्रण पा लिया गया और अब क्षेत्र में शांति बहाल कर दी गई है। दिल्ली पुलिस ने दावा किया कि यह लगातार तीसरा दिन था जब प्रदर्शनकारियों और सुरक्षा बलों के बीच झड़प हुई। पुलिस के अनुसार, शाम के समय कुछ असामाजिक तत्व प्रदर्शन में शामिल होकर तनाव बढ़ा रहे हैं। पुलिस ने आरोप लगाया कि हिंसक भीड़ ने एक पुलिसकर्मी को चारों ओर से घेर लिया और उसकी पिटाई की। पुलिस का कहना है कि भीड़ ने पुलिसकर्मी के साथ गाली-गलौज की और अन्य लोगों को भी हमले के लिए उकसाने वाले नारे लगाए। पुलिस ने इसे जवान की “लिंचिंग की कोशिश” बताया है। हालांकि, इन आरोपों पर प्रदर्शनकारियों की ओर से तत्काल कोई प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है। पुलिस सूत्रों के अनुसार, जंतर-मंतर पर एकत्र हुए प्रदर्शनकारी टॉल्स्टॉय मार्ग की ओर बढ़े, जहां प्रदर्शन हिंसक हो गया। आरोप है कि प्रदर्शनकारियों ने वहां तैनात दिल्ली पुलिस और RAF के जवानों पर पत्थर और कांच की बोतलें फेंकीं। अधिकारियों के मुताबिक, शुरुआत में सुरक्षा बलों ने प्रदर्शनकारियों को शांतिपूर्वक हटाने की कोशिश की। पुलिस ने कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) के नेताओं और आयोजकों को भी मौके पर बुलाया और उनसे भीड़ को शांत करने की अपील करने को कहा। हालांकि, पुलिस का दावा है कि प्रदर्शनकारियों ने अपने ही नेताओं की अपील को भी नजरअंदाज कर दिया। हिंसा के बाद दिल्ली पुलिस और RAF ने पूरे इलाके को खाली करा दिया। जंतर-मंतर और आसपास की सड़कों पर भारी संख्या में पुलिस बल तैनात कर दिया गया है। अधिकारियों का कहना है कि फिलहाल स्थिति नियंत्रण में है, लेकिन सुरक्षा व्यवस्था कड़ी रखी गई है।

