रांची। महानिदेशक एवं पुलिस महानिरीक्षक, झारखण्ड के नेतृत्व झारखंड पुलिस एवं केंद्रीय सुरक्षा बलों द्वारा उग्रवाद के विरुद्ध लगातार चलाए जा रहे संयुक्त अभियानों के परिणामस्वरूप नक्सल संगठन भाकपा (माओवादी)21.05.2026 को झारखण्ड सरकार के आत्मसमर्पण एवं पुनर्वास नीति से प्रभावित होकर कुल-27 नक्सल कमांडर एवं दस्ता सदस्य (SZCM-07, ACM-07, दस्ता सदस्य-13) कुल-18 हथियार एवं 2987 गोलियों के साथ पुलिस महानिदेशक, झारखण्ड के समक्ष आत्मसमर्पण किये हैं एवं 13.07.2026 को भा०क०पा० (माओ०) के शीर्ष कमाण्डर रविन्द्र गंझु (RCM) कुल-20 लाख इनामी, दिनांक-17.07.2026 को भा०क०पा० (माओ०) के शीर्ष कमाण्डर अजय महतो उर्फ टाईगर (SAC) कुल-25 लाख इनामी की गिरफ्तारी एवं भा०क०पा० (माओ०) बबिता उर्फ अनिता किरकू (ACM) के आत्मसमर्पण से भा०क०पा० (माओ०) के खात्मे की दिशा में एक प्रभावी कार्रवाई हुई है। इसी क्रम में 28 जुलाई 2026 को पुलिस मुख्यालय में कुल 16 नक्सली कमांडरों एवं दस्ता सदस्यों ने (RCM-01, ZCM-03, SZCM-03, ACM-06, दस्ता सदस्य-03) कुल 11 हथियार एवं 1562 गोलियों के साथ आत्मसमर्पण किया है।उग्रवाद के विरुद्ध लगातार चलाए जा रहे संयुक्त अभियानों के फलस्वरूप आज झारखण्ड पुलिस को निर्णायक सफलता मिली है। ऑपरेशन “दौरा पहाड़” में संयुक्त सुरक्षाबल (धनबाद, गिरिडीह जिला बल, 209 कोबरा बटालियन) द्वारा संयुक्त कार्रवाई करते हुए दिनांक 28 जुलाई 2026 को धनबाद जिला के बरवड्डा थाना के जंगली क्षेत्र से भाकपा (माओवादी) के एकमात्र सक्रिय पोलित ब्यूरो सदस्य एवं 02 करोड़ 20 लाख इनामी (झारखण्ड-1 करोड़ एवं उडीसा-1 करोड़ 20 लाख) मिसिर बेसरा उर्फ सागर उर्फ भास्कर उर्फ सुर्निमल को गिरफ्तार किया गया। उसके साथ संगठन के शीर्ष 15 लाख इनामी मेहनत उर्फ मोछु उर्फ विभीषण (RCM), गौरव उर्फ बिरेंद्र हांसदा उर्फ सौरम (ACM) तथा उनके दो अन्य सहयोगियों को भी गिरफ्तार किया गया। मिसिर बेसरा उर्फ सागर उर्फ भास्कर उर्फ सुर्निमल (PBM) 01 करोड़ (झारखण्ड) 01 करोड़ 20 लाख (उड़ीसा) कांड-175, मेहनत उर्फ मोछु उर्फ विभीषण (RCM) 15 लाख कांड-137, गौरव उर्फ बिरेंद्र हांसदा उर्फ सौरभ(ACM) कांड-08 , साथ ही गिरफ्तार शीर्ष भा०क०पा० (माओ०) के पास से निम्न हथियार एवं गोली बरामद किया गया है:
AK 47 रायफल-03,मैगजीन-08, गोली-288 झारखंड माओवादी के शीर्ष नेतृत्व की गिरफ्तारी से झारखण्ड राज्य से भाकपा माओवादी का लगभग खात्मा हो चुका है। झारखण्ड पुलिस शेष बचे माओवादियों से अपील करती है कि हिंसा और भयदोहन का रास्ता छोड़ कर मुख्यधारा में लौटे और झारखण्ड सरकार की “आत्मसमर्पण एवं पुनर्वास नीति का लाभ उठाएं।
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