रांची। झारखंड के पूर्व मुख्यमंत्री रघुवर दास जेपीएससी-जेएसएसी की गड़बड़ियों के खिलाफ आंदोलन कर रहे छात्रों से मुलाकात की, उनका हौसला बढ़ाया। इस दौरान छात्रों को सम्बोधित करते हुए उन्होंने कहा कि यदि सरकार एक सप्ताह के अंदर छात्रों की मांगें नहीं मानती है तो वह बिरसा मुंडा स्मारक में अनशन पर बैठेंगे।उन्होंने अधिकारियों को चेतावनी देते हुए कहा कि वे झामुमो कार्यकर्ता की तरह कार्य न करें। उन्हें चेतावनी देना चाहता हूं कि सरकार आती है जाती, आप अपने कैरियर की चिंता करे। आपका कैरियर भारत सरकार के पास है। गृह मंत्रालय के पास है। आपका कैरियर जनता बनाती है। सरकार पर हमला बोलते हैं उन्होंने कहा कि जिन छात्रों ने सत्ता सौंपी है, वे छात्र सत्ता से उतरना भी जानते हैं इसलिए सत्ता का अहंकार न करे सरकार।उन्होंने कहा कि वे झारखंड के हर घर में बच्चे-बच्चियां हैं। आदिवासी हों मूलवासी हों या झारखंडवासी हों, इससे प्रभावित हैं। उनकी भावनाओं को समझें। उन्होंने कहा कि मैं छात्रों की बात पर राजनीति नहीं करना चाहता। लेकिन पिछले दिनों जिस तरह से आंदोलन को दबाने की कोशिश हुई, वह उचित नहीं है।उन्होंने कहा कि सरकार छात्रों को धनमकाना बंद करे, उनकी जायज मांग है उसे पूरा करे। जब कुछ गलत नहीं किया है तो सरकार सीबीआई जांच से क्यों डर रही है। मामले की सीबीआइ जांच हो, टीडीपीएल द्वारा आयोजित सभी परीक्षा रद्द हो। जेपीएसी से जेएसएससी-सीजीएल में ज्यादा घोटाला हुआ है। नौकरियां बेची गईं। बच्चों के भविष्य को बेचा गया। उत्पाद उत्पाद सिपाही परीक्षा में 19 बच्चों की मौत हो गई। उनके परिवार को लोगों को सरकार एक-एक करोड़ मुआवजा दे। दास दूसरे कैंप में भी गए और वहां छात्रों का हौसला बढ़ाया।सदर अस्पताल जाकर घायलों से मुलाकातधरना स्थल के बाद दास ने सदर अस्पताल जाकर घायलों से मुलाकात की। घायलों ने बताया कि साजिश के तहत शांतिपूर्वक आंदोलन कर रहे छात्रों पर बेरहमी से लाठियां बरसाई गई। कुछ छात्रों को टारगेट करके पुलिस के द्वारा बर्बर तरीके से पीटा गया है। छात्र नेता देवेंद्र महतो से मुलाकात कर उनका हौसला बढ़ाया। रघुवर दास ने कहा कि छात्रों की मांग बिल्कुल वाजिब है, वे छात्रों के साथ है। उन्होंने सिविल सर्जन से बात कर घायल छात्रों को बेहतर व त्वरित इलाज उपलब्ध कराने को कहा। इसके साथ ही बैठूंगा
सीबीआई जांच से क्यों घबरा रही है सरकार छात्रों ने सत्ता सौंपी है तो छात्र सत्ता से उतरना भी जानते हैं
रांची। झारखंड के पूर्व मुख्यमंत्री रघुवर दास जेपीएससी-जेएसएसी की गड़बड़ियों के खिलाफ आंदोलन कर रहे छात्रों से मुलाकात की, उनका हौसला बढ़ाया। इस दौरान छात्रों को सम्बोधित करते हुए उन्होंने कहा कि यदि सरकार एक सप्ताह के अंदर छात्रों की मांगें नहीं मानती है तो वह बिरसा मुंडा स्मारक में अनशन पर बैठेंगे।उन्होंने अधिकारियों को चेतावनी देते हुए कहा कि वे झामुमो कार्यकर्ता की तरह कार्य न करें। उन्हें चेतावनी देना चाहता हूं कि सरकार आती है जाती, आप अपने कैरियर की चिंता करे। आपका कैरियर भारत सरकार के पास है। गृह मंत्रालय के पास है। आपका कैरियर जनता बनाती है। सरकार पर हमला बोलते हैं उन्होंने कहा कि जिन छात्रों ने सत्ता सौंपी है, वे छात्र सत्ता से उतरना भी जानते हैं इसलिए सत्ता का अहंकार न करे सरकार।उन्होंने कहा कि वे झारखंड के हर घर में बच्चे-बच्चियां हैं। आदिवासी हों मूलवासी हों या झारखंडवासी हों, इससे प्रभावित हैं। उनकी भावनाओं को समझें। उन्होंने कहा कि मैं छात्रों की बात पर राजनीति नहीं करना चाहता। लेकिन पिछले दिनों जिस तरह से आंदोलन को दबाने की कोशिश हुई, वह उचित नहीं है।उन्होंने कहा कि सरकार छात्रों को धनमकाना बंद करे, उनकी जायज मांग है उसे पूरा करे। जब कुछ गलत नहीं किया है तो सरकार सीबीआई जांच से क्यों डर रही है। मामले की सीबीआइ जांच हो, टीडीपीएल द्वारा आयोजित सभी परीक्षा रद्द हो। जेपीएसी से जेएसएससी-सीजीएल में ज्यादा घोटाला हुआ है। नौकरियां बेची गईं। बच्चों के भविष्य को बेचा गया। उत्पाद उत्पाद सिपाही परीक्षा में 19 बच्चों की मौत हो गई। उनके परिवार को लोगों को सरकार एक-एक करोड़ मुआवजा दे। दास दूसरे कैंप में भी गए और वहां छात्रों का हौसला बढ़ाया।
सदर अस्पताल जाकर घायलों से मुलाकात
धरना स्थल के बाद दास ने सदर अस्पताल जाकर घायलों से मुलाकात की। घायलों ने बताया कि साजिश के तहत शांतिपूर्वक आंदोलन कर रहे छात्रों पर बेरहमी से लाठियां बरसाई गई। कुछ छात्रों को टारगेट करके पुलिस के द्वारा बर्बर तरीके से पीटा गया है। छात्र नेता देवेंद्र महतो से मुलाकात कर उनका हौसला बढ़ाया। रघुवर दास ने कहा कि छात्रों की मांग बिल्कुल वाजिब है, वे छात्रों के साथ है। उन्होंने सिविल सर्जन से बात कर घायल छात्रों के बेहतर इलाज का आग्रह किया। इसके साथ ही रांची के उपायुक्त से टेलीफोन पर बातचीत कर छात्रों के प्रति नरमी बरतने को कहा। साथ ही रांची के उपायुक्त से टेलीफोन पर बातचीत कर छात्रों के प्रति नरमी बरतने को कहा।

