पटना । पटना में नीट पेपर लीक और छात्रों पर कार्रवाई के विरोध में हुए प्रदर्शन के बाद जनशक्ति जनता दल के प्रमुख तेजप्रताप यादव की गिरफ्तारी ने बिहार की राजनीति को गरमा दिया है। बड़े भाई की गिरफ्तारी के बाद नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव खुलकर सरकार के खिलाफ मैदान में उतर आए हैं। तेजस्वी यादव ने सरकार को साफ चेतावनी दी है कि अगर जेल में बंद लोगों को रिहा नहीं किया गया और छात्रों पर दर्ज मुकदमे वापस नहीं लिए गए तो बड़ा आंदोलन किया जाएगा। पटना में पत्रकारों से बातचीत में तेजस्वी यादव ने कहा कि तेजप्रताप यादव को गिरफ्तार कर उन पर कई धाराएं लगाई गई हैं। उन्होंने कहा कि आंदोलन को लेकर जिन छात्रों और अन्य लोगों के खिलाफ मामले दर्ज किए गए हैं, उन्हें भी वापस लिया जाना चाहिए। तेजस्वी ने कहा कि सरकार को आग्रह नहीं, बल्कि चेतावनी दी जा रही है कि अगर अगले दिन तक जेल में बंद लोगों को रिहा नहीं किया गया और छात्रों पर दर्ज मुकदमे वापस नहीं लिए गए तो विपक्ष बड़ा आंदोलन करेगा।‘
तेजस्वी यादव ने आरोप लगाया कि बिहार में पिछले कई वर्षों से अलग-अलग प्रतियोगी परीक्षाओं में गड़बड़ी और पेपर लीक के मामले सामने आते रहे हैं। उन्होंने सिपाही भर्ती, लोक सेवा आयोग और नीट समेत कई परीक्षाओं का जिक्र करते हुए सरकार पर निशाना साधा। तेजस्वी ने कहा कि जब तक मौजूदा सरकार को सत्ता से हटाया नहीं जाएगा, तब तक इस तरह के मामलों पर रोक नहीं लगेगी। तेजस्वी यादव ने प्रदर्शन के दौरान सीवान में छात्रों के घायल होने का मुद्दा भी उठाया। उन्होंने दावा किया कि सीवान में छात्रों पर एके-47 से गोली चलाई गई, जिसमें तीन छात्र घायल हुए हैं। उन्होंने कहा कि बिहार के अलग-अलग जिलों से पुलिस की कार्रवाई और प्रदर्शनकारियों पर लाठीचार्ज की खबरें सामने आ रही हैं। तेजस्वी ने आरोप लगाया कि कई लोगों पर गलत तरीके से मुकदमे दर्ज किए गए हैं। तेजस्वी यादव ने पटना के मेदांता अस्पताल पहुंचकर प्रदर्शन के दौरान घायल हुए छात्रों से मुलाकात की। उन्होंने घायल छात्रों के परिजनों से भी बातचीत की और उनका हाल जाना। इस दौरान तेजस्वी ने आंदोलन में शामिल छात्रों का समर्थन करते हुए कहा कि जिन युवाओं ने अपने हक और अधिकार के लिए आवाज उठाई, उन्होंने गलत नहीं किया।

