August 28, 2026

संजय साजन
कोडरमा।
कोडरमा में एक बड़ी बैंक लूट की वारदात को अंजाम देने से पहले ही पुलिस ने अपराधियों के मंसूबों को ध्वस्त कर दिया। तिलैया थाना क्षेत्र के इंदरवा बस्ती में पुलिस ने छापेमारी कर चार संदिग्ध अपराधियों को गिरफ्तार किया। कार्रवाई के दौरान अपराधियों ने पुलिस टीम पर फायरिंग कर भागने की कोशिश की। पुलिस की जवाबी कार्रवाई में प्रिंस पांडेय उर्फ बाबा के पैर में गोली लगी। उसे इलाज के लिए सदर अस्पताल में भर्ती कराया गया है। वहीं, तीन अन्य आरोपियों को पुलिस ने मौके से दबोच लिया। पुलिस ने आरोपियों के पास से तीन पिस्टल, 15 जिंदा कारतूस और लूट की वारदात में इस्तेमाल होने वाले अन्य सामान बरामद किए हैं। पुलिस के अनुसार, अपराधी कोडरमा बाजार स्थित बैंक ऑफ महाराष्ट्र को निशाना बनाने की तैयारी में थे।

गुप्त सूचना के बाद पुलिस ने बिछाया जाल
बताया गया कि एसपी कुमार शिवाशीष को सूचना मिली थी कि बिहार से कुछ संदिग्ध अपराधी कोडरमा पहुंचे हैं और इंदरवा बस्ती में किराए के मकान में ठहरे हुए हैं। आशंका थी कि वे किसी बड़ी लूट की वारदात की तैयारी कर रहे हैं। सूचना के आधार पर एसपी के निर्देश पर तिलैया थाना प्रभारी विनय कुमार के नेतृत्व में विशेष टीम गठित की गई। सोमवार देर रात पुलिस टीम ने संदिग्ध मकान को घेरकर छापेमारी की।

पुलिस को देखते ही चली गोलियां
पुलिस टीम के पहुंचते ही मकान में मौजूद अपराधियों ने फायरिंग शुरू कर दी। इसके बाद अपराधियों ने मौके से भागने की कोशिश की। पुलिस ने जवाबी कार्रवाई की, जिसमें प्रिंस पांडेय उर्फ बाबा के पैर में गोली लगी। घायल होने के बाद पुलिस ने उसे पकड़ लिया, जबकि उसके तीन साथियों को भी गिरफ्तार कर लिया गया। अपराधियों की फायरिंग और कार्रवाई के दौरान तिलैया थाना प्रभारी विनय कुमार के पैर में भी चोट लगी। उनका भी उपचार कराया गया।

तीन दिन से कर रहे थे बैंक की रेकी
पुलिस पूछताछ में घायल आरोपी प्रिंस पांडेय ने कथित तौर पर कई अहम जानकारियां दी हैं। उसके अनुसार वह सन्नी, अतुल और अमन के साथ हाजीपुर क्षेत्र से कोडरमा आया था। सभी इंदरवा बस्ती में किराए के मकान में करीब तीन दिनों से रह रहे थे।
पूछताछ में कथित तौर पर सामने आया कि गिरोह को निरंतर सिंह निर्देश दे रहा था। आरोपियों ने कोडरमा बाजार स्थित बैंक ऑफ महाराष्ट्र की रेकी भी की थी। योजना थी कि एक-दो दिनों के भीतर बैंक में लूट की वारदात को अंजाम दिया जाए।

Google Maps से तलाशते थे बैंक की लोकेशन
पुलिस के मुताबिक पूछताछ में गिरोह के काम करने के तरीके की भी जानकारी मिली है। आरोपी ने कथित तौर पर बताया कि गिरोह का सरगना Google Maps के जरिए बैंक और उसके आसपास के इलाके की जानकारी जुटाता था। इसके बाद सदस्यों को मौके पर भेजकर बैंक की रेकी कराई जाती थी।
रेकी पूरी होने के बाद बैंक में प्रवेश, भागने के रास्ते और लूट की रणनीति तैयार की जाती थी।
गोल्ड लोन के कारण बैंक को बनाया निशाना
पूछताछ में सामने आई जानकारी के अनुसार, बैंक ऑफ महाराष्ट्र को इसलिए निशाना बनाया गया था क्योंकि वहां गोल्ड लोन की सुविधा है। गिरोह को आशंका थी कि बैंक में बड़ी मात्रा में सोना उपलब्ध हो सकता है। इसी आधार पर बैंक को लूट के लिए चुना गया था।

बरही बैंक लूट से कनेक्शन की जांच
पुलिस अब यह भी पता लगाने में जुटी है कि गिरफ्तार आरोपियों का हजारीबाग के बरही क्षेत्र में हुई बैंक लूट की घटना से कोई संबंध है या नहीं। कुछ समय पहले बरही थाना क्षेत्र में बैंक ऑफ महाराष्ट्र में लूट हुई थी, जिसमें बैंक कर्मी को बंधक बनाकर सोना और नकदी लूट ली गई थी।
हालांकि, तिलैया में पकड़े गए आरोपियों और बरही बैंक लूट के बीच संबंध की पुलिस ने अभी आधिकारिक पुष्टि नहीं की है।

फार्मेसी की पढ़ाई के बाद अपराध की दुनिया में आया
पूछताछ में प्रिंस पांडेय ने कथित तौर पर खुद को बिहार के सिवान जिले के सराय परौली का निवासी बताया है। उसके पिता किसान हैं और उसने फार्मेसी में डिप्लोमा किया है। आरोपी के कथित बयान के अनुसार, निरंतर सिंह के संपर्क में आने के बाद वह पैसों के लालच में अपराध की दुनिया में आया।
पुलिस अब उसके बयान की सत्यता और गिरोह में उसकी भूमिका की भी जांच कर रही है।

पूरे नेटवर्क को खंगाल रही पुलिस
एसडीपीओ प्रमोद केसरी के अनुसार, पुलिस ने चार आरोपियों को गिरफ्तार किया है। मुठभेड़ के दौरान भागने की कोशिश कर रहे प्रिंस पांडेय के पैर में गोली लगी है। उसके साथ पकड़े गए अन्य आरोपियों से पूछताछ की जा रही है। पुलिस का कहना है कि इस नेटवर्क में शामिल अन्य लोगों की तलाश जारी है। गिरफ्तार आरोपियों से मिली जानकारी के आधार पर गिरोह के संभावित सदस्यों और पूर्व की आपराधिक घटनाओं से उनके संबंधों की जांच की जा रही है।
पुलिस की त्वरित कार्रवाई से फिलहाल कोडरमा में एक संभावित बड़ी बैंक लूट टल गई है। अब जांच का फोकस इस गिरोह के पूरे नेटवर्क और इसके पीछे मौजूद लोगों तक पहुंचने पर है।

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